# डबल हाई नी साइड हॉप

- Canonical: https://fitwill.app/hi/exercise/7642/double-high-knee-side-hop/
- Media ID: 7642
- Primary muscle: क्वाड्स
- Body part: पैर
- Equipment: बॉडी वेट
- Video: https://fitwill.app/videos/7642/double-high-knee-side-hop.mp4

## Description

डबल हाई नी साइड हॉप एक तेज़, लयबद्ध प्लायोमेट्रिक ड्रिल है, जिसमें आप एक तरफ से दूसरी तरफ छलांग लगाते हैं और हर जंप पर दोनों घुटनों को छाती की ओर ऊपर उठाते हैं। इसमें साइड-वेज मूवमेंट और हाई नी टक दोनों साथ आते हैं, यानी हर रेप में आपके पैरों को जल्दी ताकत पैदा करनी पड़ती है और लैंडिंग पर उसे साफ़-सुथरे तरीके से सोखना पड़ता है। इसमें किसी उपकरण की ज़रूरत नहीं और ना ही ज़्यादा जगह चाहिए, इसलिए ये वॉर्म-अप, कंडीशनिंग सर्किट और घर पर कार्डियो सेशन में आसानी से फिट हो जाता है।

मुख्य मेहनत क्वाड्रिसेप्स की होती है, जो घुटनों को धमाकेदार तरीके से सीधा करके आपको साइड में छोड़ते हैं, और साथ में ग्लूट्स और पिंडलियां (calves) पुश-ऑफ पूरा करती हैं और लैंडिंग को कुशन करती हैं। घुटनों को ऊंचा उठाने से हिप फ्लेक्सर्स सक्रिय होते हैं और पेट की दीवार तथा ऑब्लिक्स को ज़ोर से टाइट रहना पड़ता है, ताकि धड़ सीधा रहे और आगे ना झुके। एक तरफ से दूसरी तरफ जाना हिप स्टेबलाइज़र्स को भी चुनौती देता है, जो जंपिंग जैक्स या हाई नी रन जैसी सीधी ड्रिल्स में इतनी सीधे नहीं आती।

इतनी आसान ड्रिल के लिए भी सेटअप का महत्व लोगों की सोच से ज़्यादा होता है। पैर हिप-विड्थ पर रखकर खड़े हों, हाथ आराम से बगल में लटके हों, और एक तरफ ऐसी जगह चुनें जहां आराम से हॉप करके उतर सकें। सीधी रीढ़ और पहली छलांग से पहले घुटनों में हल्का मोड़ ही वो चीज़ है जो आपको धीरे से उतरने और रेप्स को लगातार जोड़ने देती है। अगर आप कूबड़ बनाकर या अकड़े हुए पैरों के साथ शुरू करते हैं, तो टक छोटा हो जाता है, लैंडिंग भारी हो जाती है और ड्रिल बिगड़ जाती है।

इसे अच्छे से करने के लिए शैलो क्वार्टर स्क्वाट में नीचे आएं, दोनों पैरों से पुश करें और दो-चार इंच साइड में हॉप करें, जिसके साथ हवा में दोनों घुटनों को अपनी मोबिलिटी के हिसाब से जितना ऊंचा हो सके उठाएं। दोनों पैरों पर मुड़े घुटनों के साथ उतरें, ज़रूरत हो तो एक पल रुककर सेट करें, फिर दूसरी तरफ वापस हॉप करें। हर जंप के साथ आपके हाथ अपने आप झूलें, ताकि लय और बैलेंस बना रहे। जैसे ही आपको आराम हो जाए, स्पीड बढ़ाई जा सकती है, लेकिन हर हॉप देखने और सुनने में कंट्रोल्ड होना चाहिए।

ये ड्रिल बहुत तरह के लोगों के लिए ठीक है: वो एथलीट जो फील्ड और कोर्ट स्पोर्ट्स के लिए साइड-वेज स्पीड बना रहे हैं, वो लिफ्टर्स जो हार्ट रेट बढ़ाने वाला घुटनों और हिप का वॉर्म-अप चाहते हैं, और वो लोग जो छोटी जगह में बिना मशीन के असरदार कार्डियो करना चाहते हैं। शुरुआती लोग हॉप छोटा रखें और घुटनों को बीच की ऊंचाई तक ही उठाएं, जबकि एडवांस ट्रेनी स्पीड, ऊंचाई या कुल रेप्स बढ़ा सकते हैं।

कुछ प्रैक्टिकल बातें इस एक्सरसाइज़ को असरदार बनाए रखेंगी। फर्श से हर वो चीज़ हटा दें जिस पर आप उतर सकते हैं, और पॉलिश्ड टाइल जैसी सख्त, फिसलन वाली सतहों से बचें। लैंडिंग पैरों के आगे के हिस्से (balls of feet) पर करें, और घुटने आंगठों की दिशा में रहें, अंदर ना गिरें। अगर थकान में फॉर्म बिगड़ने लगे, तो सबसे अच्छा उपाय शोर और लापरवाह हॉप्स को दबाकर सेट जारी रखना नहीं, बल्कि सेट रोक देना है, क्योंकि लैंडिंग की क्वालिटी ही वो जगह है जहां चोट का खतरा होता है।

## निर्देश

1. किसी समतल, नॉन-स्लिप सतह पर पैर हिप-विड्थ पर रखकर सीधे खड़े हों, हाथ आराम से बगल में लटके हों।
2. अपना वज़न दोनों पैरों के आगे के हिस्से (balls of feet) पर ले आएं और घुटनों में हल्का मोड़ डालें, ताकि आप लोडेड हों और मूव के लिए तैयार रहें।
3. छाती सीधी रखें, आगे देखें, और पहली हॉप से पहले पेट को हल्का टाइट करें।
4. दोनों पैरों से पुश करें और थोड़ी दूर साइड में हॉप करें, जिसके साथ ऊपर उठते हुए दोनों घुटनों को छाती की ओर खींचें।
5. दोनों पैरों पर एक साथ, पैरों के आगे के हिस्से पर उतरें और घुटनों को मुड़ने दें ताकि झटका सोख लिया जाए।
6. हर जंप के साथ हाथों को अपने आप झुलाएं, उलटा हाथ आगे रहते हुए, ताकि लय और बैलेंस बना रहे।
7. ज़रूरत हो तो एक पल रुककर सेट हो जाएं, फिर दोबारा पुश करें और उसी हाई नी टक के साथ शुरुआत वाली तरफ वापस हॉप करें।
8. हर हॉप पर ज़ोर से सांस छोड़ें और रेप्स के बीच छोटी लैंडिंग और रीसेट के दौरान सांस लें।
9. पसंदीदा रेप्स या समय तक एक तरफ से दूसरी तरफ बारी-बारी जारी रखें, और हर लैंडिंग को साइलेंट और कंट्रोल्ड रखें।
10. सेट खत्म करते समय पूरी तरह सीधे खड़े हो जाएं और अगले राउंड से पहले सांस को शांत होने दें।

## टिप्स और ट्रिक्स

- अगर लैंडिंग पर आपके घुटने अंदर की ओर गिरते हैं, तो हर डिसेंट पर जानबूझकर घुटनों को छोटी उंगलियों की दिशा में बाहर की ओर पुश करें; यही साइड हॉप्स में सबसे आम गलती है।
- शुरुआत में साइड हॉप छोटा रखें। पूरे नी टक वाला छोटा, तीखा हॉप, घुटनों के मुश्किल से उठने वाले लंबे लीप से बेहतर है।
- नी ड्राइव हवा में होती है, ज़मीन पर नहीं। अगर आप पैरों के अभी लोडेड होने पर घुटने उठा रहे हैं, तो आप जंप को तीखा बनाने की बजाय धीमा कर रहे हैं।
- साइलेंट फीट एक क्वालिटी चेक है। ज़ोर से ठप-ठप करती लैंडिंग का मतलब है कि पिंडलियां और घुटने फोर्स सोख नहीं रहे, इसलिए ऊंचाई या स्पीड तब तक घटाएं जब तक आप नरम लैंडिंग ना कर सकें।
- जैसे ही घुटने ऊपर उठें, धड़ को आगे ना झुकाएं; कूबड़ बनाने से टक छोटा हो जाता है और हिप्स तथा पेट से तनाव हट जाता है।
- लेग ड्रिल के लिए सेट के बीच जितना आपको लगता है, उससे ज़्यादा आराम करें। थकान के साथ लैंडिंग मैकेनिक्स जल्दी खराब होती है, और फॉर्म भी तबी बिगड़ता है।
- सख्त जिम फर्श पर लैंडिंग जोन के नीचे मैट बिछाना या कुशन वाले जूते पहनना लंबे सेट्स को शिन और टखनों के लिए काफी आसान बना देता है।
- अगर एक तरफ की लैंडिंग दूसरी से भारी हो, तो स्पीड धीमी करें और हर हॉप को कमज़ोर साइड के हिसाब से मैच करें, ना कि लय को इस कमी को छिपाने दें।
- इस ड्रिल को सेशन की शुरुआत में वॉर्म-अप के तौर पर या कंडीशनिंग वर्क में इंटरवल के तौर पर इस्तेमाल करें, लेकिन भारी लेग ट्रेनिंग के तुरंत बाद हाई-रेप सेट्स ना करें, जब आपकी लैंडिंग पहले से कमज़ोर हो।

## अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

### डबल हाई नी साइड हॉप कौन सी मसल्स पर काम करता है?

क्वाड्रिसेप्स हर हॉप को आगे बढ़ाते हैं, और टेकऑफ तथा लैंडिंग पर ग्लूट्स और पिंडलियां ज़बरदस्त मदद करती हैं। दोनों घुटने ऊपर उठाने से हिप फ्लेक्सर्स भी सक्रिय होते हैं, और पेट तथा ऑब्लिक्स हर जंप में धड़ को सीधा रखने के लिए टाइट रहते हैं।

### क्या डबल हाई नी साइड हॉप बिगिनर्स के लिए ठीक है?

हां, बशर्ते आप छोटे हॉप और दरमियानी नी हाइट से शुरू करें। स्पीड बढ़ाने से पहले नरम, दो पैरों वाली लैंडिंग पर ध्यान दें, और जिन बिगिनर्स को घुटनों या टखनों की शिकायत है, उन्हें पहले बेसिक स्ट्रेंथ बनानी चाहिए।

### डबल हाई नी साइड हॉप में मुझे अपने घुटने कितना ऊंचा उठाने चाहिए?

घुटनों को उतना ऊंचा उठाएं जितना आप बिना छाती झुकाए और कंट्रोल्ड लैंडिंग के साथ कर सकें। ज़्यादातर लोगों के लिए ये हिप हाइट के आसपास होता है; कूबड़ बनाकर घुटने ज़्यादा ऊंचा उठाना ड्रिल का मकसद ही खत्म कर देता है।

### मुझे एक तरफ से दूसरी तरफ कितनी दूर हॉप करना चाहिए?

लगभग एक से दो पैर (foot-length) की दूरी का हॉप काफी है। दूरी से ज़्यादा ज़रूरी नी ड्राइव और लैंडिंग की क्वालिटी है, इसलिए चलना संयमित और तीखा रखें।

### डबल हाई नी साइड हॉप करने के बाद मेरे शिन क्यों दुखते हैं?

सख्त सतह पर बार-बार लैंडिंग, टाइट पिंडलियां या अकड़ी हुई लैंडिंग मैकेनिक्स निचले पैरों पर ज़्यादा बोझ डाल सकती हैं। मुड़े घुटनों के साथ पैरों के आगे के हिस्से पर उतरें, मैट या नरम सतह पर ट्रेन करें, और दर्द कम होने तक वॉल्यूम घटा दें।

### डबल हाई नी साइड हॉप में सबसे आम गलती क्या है?

सीधे पैरों के साथ लैंडिंग करना और घुटनों का अंदर गिरना। दोनों गलतियां झटका सीधे जोड़ों में भेज देती हैं, इसलिए हर लैंडिंग पर घुटने मोड़ें और उन्हें आंगठों की दिशा में रखें।

### अगर जंपिंग से असहजता हो, तो क्या मैं डबल हाई नी साइड हॉप की जगह कुछ और कर सकता हूं?

हां। लो-इम्पैक्ट वर्ज़न है तेज़ साइड स्टेप, उसी हाई नी ड्राइव के साथ, जिसमें एक पैर हल्का ज़मीन से लगा रहता है। इससे लैंडिंग का झटका तो हट जाता है, लेकिन हिप फ्लेक्सर और कोर का काम बना रहता है।

### डबल हाई नी साइड हॉप के दौरान क्या मेरे हाथों को हिलना चाहिए?

हां, उन्हें हॉप्स की लय के साथ अपने आप झुलाने दें, क्योंकि आर्म ड्राइव बैलेंस में मदद करती है और जंप हाइट भी बढ़ाती है। उन्हें बगल में अकड़ाकर बंद ना रखें और ना ही इधर-उधर फेलाएं।

### मुझे डबल हाई नी साइड हॉप के कितने रेप्स या कितनी देर करनी चाहिए?

कंडीशनिंग के लिए 15 से 30 सेकंड या 10 से 20 बारी-बारी हॉप्स के ब्लॉक में काम करें, राउंड्स के बीच आराम करते हुए। सेट को उसी पल रोक दें जब आपकी लैंडिंग ज़ोर की होने लगे या नी हाइट गिरने लगे, क्योंकि यही संकेत हैं कि क्वालिटी चली गई।

### क्या डबल हाई नी साइड हॉप घुटनों के लिए सुरक्षित है?

नरम, मुड़े घुटनों वाली लैंडिंग और घुटनों को आंगठों की दिशा में रखकर किया जाए, तो ये आम तौर पर सुरक्षित प्लायोमेट्रिक ड्रिल है। अगर आपको अभी घुटने की चोट है या हॉप के दौरान दर्द महसूस हो, तो लो-इम्पैक्ट स्टेपिंग वर्ज़न पर लौट आएं और किसी प्रोफेशनल से सलाह लें।
